सहसपुर (बिलाल अंसारी) –
उत्तराखंड सरकार ने ऑपरेशन कालनेमि के तहत ढोंगी बाबाओं पर कार्रवाई शुरू कर दी है, जो धार्मिक भावनाओं का शोषण कर लोगों को ठगते हैं। उत्तराखंड सरकार की इस पहल से जनता को ठगी, चोरी और तंत्र-मन्त्र के नाम पर हो रही हत्याओं एवं शारीरिक शोषण से छुटकारा मिल सकेगा। इससे लोगों की आस्था और विश्वास को बचाने में सफलता मिल सकेगी। धार्मिक भावनाओं का शोषण करने वाले ढोंगी बाबाओं पर नकेल कसना और लोगों की सुरक्षा और विश्वास को बनाए रखना सरकार का सराहनीय क़दम माना जा रहा है।

ऑपरेशन कालनेमि के तहत एसएसपी देहरादून अजय सिंह द्वारा सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसे व्यक्यिों, जो साधु-संतों का भेष धारण कर लोगो को विशेषकर महिलाओं व युवाओ को भ्रमित कर उनकी व्यक्तिगत अथवा घरेलु समस्याओं का निदान करने का प्रलोभन देते हैं और उन्हें वशीभूत करते हुए उनके साथ ठगी की घटनाओ को अंजाम देते हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्व कठोर कार्यवाही के निर्देश दिये हैं। इसी क्रम मे आज 12-जुलाई को थाना सहसपुर पुलिस द्वारा चोरखाला सहसपुर में सडक किनारे बैठे दो व्यक्तियों से पूछताछ की गई, तो अपने प्रोफेशन सम्बंध में उक्त व्यक्ति द्वारा कोई सन्तोष जनक उत्तर नही दे पाये और न ही ज्योतिष शास्त्र की शिक्षा से सम्बन्धित कोई दस्तावेज प्रस्तुत कर पाये। ऐसे संदिग्ध लोग क्षेत्र मे कोई सज्ञेय अपराध कारित कर सकते है। इस संदेह के आधार पर उक्त दोनो व्यक्तियो को सहसपुर पुलिस द्वारा मौके से हिरासत में लेते हुए उन्हें 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार किया गया।
धर्म की आड़ में धोखा देने वाले गिरफ्तार अभियुक्त पामती नाथ पुत्र जागर नाथ निवासी लक्ष्मीपुर चोरखाला थाना सहसपुर देहरादून (उम्र 42 वर्ष) और बल्लू पुत्र टिपननाथ निवासी लक्ष्मीपुर चोरखाला थाना सहसपुर देहरादून (उम्र 22 वर्ष) हैं।
