देहरादून -उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों की सियासी बिसात बिछने लगी है। भाजपा और कांग्रेस समेत तमाम राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण बनाने में जुट गए हैं। आने वाले दिनों में उम्मीदवार सामने आएंगे, टिकट बांटे जाएंगे, चुनावी वादे होंगे और हमेशा की तरह मुस्लिम मतदाताओं को भी साधने की कोशिश की जाएगी।
लेकिन इस बार उत्तराखंड के राजनीतिक दल एक बात अच्छी तरह समझ लें—
अब मुस्लिम वोट की सियासत का पैमाना बदल चुका है।
अब हम किसी को सिर्फ हराने के लिए वोट नहीं करेंगे।अब हम डरकर या भावनाओं में बहकर वोट नहीं करेंगे।
अब हमारा वोट हमारे बच्चों के मुस्तकबिल के लिए होगा। हमारे नौजवानों की तालीम और रोजगार के लिए होगा। हमारे कारोबार और आर्थिक...