प्रेमनगर (बिलाल अंसारी) –
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में देर रात भारी वर्षा के कारण आपदा जैसे हालत बने हुए है। भारी बारिश ने पूरे जिले में तबाही मचा रखी है। प्रेमनगर में यूआईटी के पास टोंस नदी पर बना पुल टूट जाने से सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र का संपर्क कट गया। जिससे लोगों को कई किलोमीटर लम्बा सफर तय करके अपनी मंज़िल पर पहुंचना पड़ा।
प्रेमनगर थाना क्षेत्र के परवल में कई मजदूरों के नदी में बह गए है। बताया जा रहा है कि सभी मजदूर टोंस नदी में खनन कार्य में लगे हुए थे। पुलिस को सुचना मिली थी कि ट्रेक्टर ट्रॉली पर कई मजदूर टोंस नदी के बीच फंसे हुए हैं। मजदूर किनारे पर खड़े लोगों से अपने आप को बचाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन इसी बीच अचानक से नदी का तेज बहाव ट्रॉली को बहा ले जाता है और उसमें सवार सभी मजदूर भी बह जाते हैं। एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीम नदी में बहे मजदूरों की तलाश में जुटी है। फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है। 8 मजदूरों के शव मिल चुके है, जिसमें चार महिला और चार पुरुष है।

इसके अलावा देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में ही स्थित पौंधा के पास देवभूमि इंस्टिट्यूट परिसर में जलभराव के कारण 200 से ज्यादा छात्र-छात्राएं फंस गए थे, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ ने सभी छात्रों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला।
इधर सेलाकुई थाना क्षेत्र के भाऊवाला पुल के पास नदी में तीन बच्चों के फंसे होने की सूचना पर थानाध्यक्ष सेलाकुई मय फोर्स के मौके पर रेस्क्यू हेतू पहुंचे तथा पानी में फंसे तीनों बच्चों को रेस्क्यू कर पानी से बाहर निकाला गया।

सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने मंगलवार को कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के साथ नंदा की चौकी, चकराता मुख्य मार्ग पर बीती रात अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हुए पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुल की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को त्वरित मरम्मत के निर्देश दिए।
हादसे के बाद विधायक पुंडीर परवल गांव पहुंचे, जहां उन्होंने अतिवृष्टि के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना दी और गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। विधायक ने कहा, “इस दुखद घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी तरह खड़ी है। सरकार हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों तक त्वरित राहत और सहायता पहुंचाना है। इस क्रम में उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए।
स्थानीय प्रशासन ने भी प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू कर दिए हैं और स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है। विधायक पुंडीर ने आश्वासन दिया कि सरकार और प्रशासन मिलकर इस आपदा से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
