बारिश बनी आफत, स्वारना नदी ने दिखाया रौद्र रूप, पुल, सड़क और स्कूल की दीवार क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों की बढ़ी चिंता

सेलाकुई (डॉ बिलाल अंसारी)-

पहाड़ों में लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण देर रात सेलाकुई क्षेत्र में स्वारना नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी का बहाव बेहद तेज हो गया। तेज बहाव के चलते नदी से सटे पुल और चोई बस्ती इस्लाम नगर जाने वाली सड़क को नुकसान पहुंचा है। वहीं, नदी के उफान की चपेट में आने से रामपुर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की दीवार भी बह गई। अचानक हुए नुकसान से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। भारी बारिश के कारण स्वारना नदी में पानी का बहाव लगातार बढ़ता गया। तेज बहाव ने नदी के किनारे बने पुल और सड़क के कुछ हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया। इससे आवागमन प्रभावित हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही और नदी का जलस्तर और बढ़ा तो आसपास के क्षेत्रों में भी खतरा पैदा हो सकता है।

नदी के तेज बहाव से स्कूल की दीवार बहने की घटना ने सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। गनीमत रही कि घटना के दौरान किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है। हालांकि, स्कूल की दीवार क्षतिग्रस्त होने से विद्यार्थियों और स्कूल प्रबंधन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से क्षतिग्रस्त पुल और सड़क का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पहले से ही खतरा बना रहता है, ऐसे में क्षतिग्रस्त सड़क और पुल की जल्द मरम्मत बेहद जरूरी है।


इस बीच मौके पर पहुंचे कांग्रेस नेता आर्येंद्र शर्मा ने स्थिति का जायज़ा लिया। स्तानीय लोगों ने प्रशासन से नदी के किनारे संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कराने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने की मांग की है। भारी बारिश के बीच स्वारना नदी के तेज बहाव से हुए नुकसान ने एक बार फिर बरसात के दौरान नदी और नालों के आसपास सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को सामने ला दिया है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग क्षतिग्रस्त पुल, सड़क और स्कूल की दीवार की स्थिति का कितनी जल्दी जायजा लेकर राहत एवं मरम्मत कार्य शुरू करते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी का पुश्ता दो साल पूर्व क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसकी जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई सुध नहीं ली गयी। दोबारा पुश्ता न बनने के परिणाम स्वरुप सड़क बह गयी। जिसका खामियाज़ा इस्लाम नगर चोई बस्ती की जनता को भुगतना पड़ रहा है।