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ई-रिक्शा चालकों ने उत्पीड़न के विरोध में दिया धरना, सरकार पर लगाया बेरोजगार करने का आरोप

विकासनगर (सहसपुर) : पछवादून के ई-रिक्शा चालकों ने धामी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बड़ा रामपुर में धरना दिया। जिसमें सहसपुर के पूर्व प्रधान सुंदर थापा ने उत्तराखंड की धामी सरकार पर गरीबों से रोजगार छीनने का आरोप लगाया। सरकार द्वारा ई-रिक्शा को सुबह 8:00 से शाम 8:00 बजे तक हाईवे पर न चलाने के फरमान को तुगलकी फरमान बताते हुए धामी सरकार के इस फैंसले को गरीब विरोधी एंव बेरोजगार करने वाला बताया।

सरकार के इस फैंसले को गरीब विरोधी एंव बेरोजगार करने वाला बताया।
उन्होंने कहा कि ई रिक्शा खरीदते समय रोड टैक्स, इंश्योरेंस व फिटनेस फीस समेत सभी टैक्स सरकार द्वारा ई-रिक्शा चालकों से वसूल लिए जाते हैं। इसके बाद भी आरटीओ द्वारा कोई रूट तय नहीं किया जाता। ई-रिक्शा चालकों ने जमीन व जेवर बेचकर ई-रिक्शा खरीदा है, ताकि उनके बच्चों का भरण-पोषण ठीक ढंग से हो सके। लेकिन सरकार द्वारा ई-रिक्शा संचालकों का उत्पीड़न किया जा रहा है।

साथ ही उन्होंने सेलाकुई पुलिस पर भी आई-रिक्शाओं को सीज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज ई-रिक्शा चालक सिर्फ सांकेतिक धरना दे रहे हैं। यदि सरकार द्वारा ई-रिक्शा चालकों का उत्पीड़न बंद नहीं किया गया तो सभी ई रिक्शा चालक अपने परिवार को लेकर मुख्यमंत्री का घेराव करेंगे। और मुख्यमंत्री धामी से कहेंगे कि या तो ई-रिक्शा का संचालन सुचारु रूप से किया जाए अन्यथा हमे परिवार सहित जेल भेज दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसी को रोजगार दे नहीं सकती तो उसे गरीबों को बेरोजगार करने का भी कोई अधिकार नहीं है। धरने में ई-रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष सोनू के अलावा सैकड़ो की संख्या में ई रिक्शा चालक मौजूद रहे।

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