उत्तराखंड के सिलक्यारा में हुए टनल हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है। सुरंग के अंदर 40 श्रमिक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। 35 मीटर तक खुदाई अभी और होनी बाकी है। राहत की बात यह है की टनल में फंसे सभी मजदूर सुरक्षित हैं।
सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद घटनास्थल सिल्कियारा टनल पहुंचे और श्रमिकों का हाल-चाल जाना। इसके अलावा राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि सुरंग में फंसे श्रमिकों को पाइप के द्वारा भोजन और पानी दिया जा रहा है। हादसे के शिकार लोगों को सुरक्षित निकालने के भरसक प्रयास किये जा रहे हैं। सुरंग में फंसे मजदूर चार राज्यों के बताए जा रहे हैं। सभी श्रमिक उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उड़ीसा के निवासी हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राहत और बचाव कार्यों के लिए सभी संभव विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। बचाव कार्य के लिए बड़े व्यास के ह्यूम पाइप हरिद्वार और देहरादून से मंगवाने की व्यवस्था कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि ईश्वर की कृपा और बचाव अभियान में जुटे लोगों के अथक प्रयास के चलते सुरंग के अंदर फंसे सभी लोगों को जल्द सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने फोन के माध्यम से टनल में फंसे श्रमिकों की स्थिति राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस दुर्घटना से निपटने हेतु हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। साथ ही हर स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय एजेंसियों को भी राहत व बचाव कार्यों में सहयोग देने के लिए निर्देशित किया। मजदूरों को निकालने के लिए मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी है। मलबा हटाने के लिए हैवी मशीनों को मंगवा लिया गया है। मलबा उठाने के लिए मशीनों से शॉर्ट स्क्रीनिंग भी की जा रही है। टनल में फंसे मजदूरों से पाइप के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान भी किया जा रहा है। पाइप लाइन के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति भी की जा रही है व पाइप लाइन के जरिए ही रात में मजदूरों के खाने के लिए चने के पैकेट कंप्रेशर के जरिए दबाव बनाकर टनल तक भेज दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री के साथ घटनास्थल पर पहुंचे गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पांडे ने भी राहत और बचाव कार्यों को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। इस दौरान विभिन्न विशेषज्ञो एवं रेस्कयू अभियान में जुटे दलों के प्रमुख मौजूद रहे।
इन सबके अलावा उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा ने भी टनल में बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने जिला प्रशासन आपदा प्रबंधन, एनएचडीसीआईएल व बचाव अभियान में जुटे संगठनों के अधिकारियों और टनल व रेस्क्यू विशेषज्ञों के साथ बैठक कर अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मजदूरों को सकुशल बाहर निकालने के अथक प्रयास किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि टनल में फंसे मजदूरों को बाहर निकलना ही शासन की पहली प्राथमिकता है और पूरे अभियान को इसी पर फोकस किया गया है।
