भारी वर्षा के कारण शीशमबाड़ा कूड़ा घर की ढह गई सुरक्षा दीवार, असहनीय दुर्गंध से सेलाकुई की जनता हुई लाचार

सेलाकुई (बिलाल अंसारी)-
सेलाकुई के शीशमबाड़ा स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड से उठती असहनीय दुर्गंध से यहां की जनता खुद को मायूस व लाचार महसूस कर रही है। आम जनता के साथ-साथ यहां के जनप्रतिनिधि भी इस दुर्गंध के सामने लाचार नजर आ रहे हैं। स्थानीय जनता द्वारा काफी समय से उक्त कूड़ा घर को हटाने के लिए आंदोलन किए गए, मगर अभी तक जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण कूड़ा घर को नहीं हटाया जा सका। पूर्व में सेलाकुई पंचायत चुनाव में भी उक्त कूडा घर स्थानांतरण का महत्वपूर्ण मुद्दा उठता रहा। जिससे स्थानीय निवासियों में कूड़ा घर से निजात मिलने की एक उम्मीद जगी थी।

नवनियुक्त नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित चौधरी भी इस मामले में कोई कदम उठाने में असहाय नजर आ रहे हैं। कूड़ा घर में प्रतिदिन सैकड़ो गाड़ियां देहरादून नगर निगम के कूड़े की आती है, जिससे उक्त कूडा घर में लाखों टन कचरे का पहाड़ इकट्ठा हो गया है, जिसको हटाने में महीने नहीं बल्कि सालों लग जाएंगे।

सेलाकुई की जनता की महत्वपूर्ण आवश्यकता प्रदूषण रहित वातावरण है। आज कूड़ा घर की सुरक्षा दीवार भी भारी वर्षा के कारण जमींदोज हो गई है जिससे दुर्गंध युक्त कीचड़ आसपास के घरों फैलने से पर्यावरण और अधिक दूषित हो गया है। जिस पर स्थानीय निवासियों ने कूड़ा निस्तारण केंद्र के गेट पर धरना प्रदर्शन कर आक्रोश जताया।
अब देखना यह है कि स्थानीय नेताओं व जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रदूषण युक्त वातावरण से स्थानीय जनता को मुक्ति मिल पाएगी या फिर जनता को खुद ही सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ेगा ?