सड़कों मौहल्लों में बे वजह खड़े न होने व ग्रुपों में कब्रिस्तान न जाने की भी उलेमाओं ने की अपील
सहारनपुर (बिलाल अंसारी):
हजरत मौलाना मौहम्मद सलमान साहब उस्ताद (प्रोफेसर) मदरसा मजाहिर उलूम (वक्फ) व ईमाम ए खतीब नई मस्जिद छीपियान ने शबे-बारात पर मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि मुसलमान शबे-बारात पर बेवजह सड़कों पर न घूमें और न ही ग्रुपों में कब्रिस्तान जायें। मस्जिदों व कब्रिस्तानों को सजाने से बचें यें सब बातें गुनाह की है। ईशा व फजर की नमाज़ बा जमाअत मस्जिदों में अदा करें। जामा मस्जिद कलां के मैनेजर मौलाना फरीद मजाहिरी ने कहा कि शबे-बारात पर देखने में आता है कि इस रात को होटलों व कब्रिस्तानों में खाने-पीने का एक दौर सा चलता है। मुस्लिम मौहल्लों में भी पूरी रात चहल-पहल रहती है जबकि यें रात इबादत की रात है न की खाने-पीने की। मौलाना फरीद ने मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि जहां तक हो सके अपने घरों में ही रहें। बेवजह मौहल्लों व सड़कों पर न घूमें। इस मौके पर मदरसा मजाहिर उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद हजरत मौलाना मौहम्मद कासिम साहब (रह) के बेटे मौलाना मौ0 मरगूब ने भी कहा कि इस्लाम इस बात की इजाजत नहीं देता कि हमारी वजह से दुसरे मजहब के मानने वालो को कोई तकलीफ़ पहुंचे। शबे-बारात कोई त्यौहार नहीं है यह इबादत की रात है न की जश्न की। अपने घरों में ही रह कर इबादत करें।
