पुलिस ने विकासनगर बाजार में ई-रिक्शा वाहनों पर कसा शिकंजा, चैकिंग अभियान चलाकर 50 से अधिक वाहनों के किये चालान

विकासनगर (बिलाल अंसारी) :-
तेजी से बढ़ रही ई-रिक्शा की संख्या अब यातायात व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। बिना रजिस्ट्रेशन, बिना लाईसेन्स बिना परमिट और बिना किसी नियम का पालन किए सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा न केवल जाम का कारण बन रहे हैं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं। अँधेरे में बिना लाइट के चलने वाले उक्त वाहन दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। हाईवे पर नाबालिग बच्चो और अप्रशिक्षित ई-रिक्शा चालकों को अधिकतर ओवरलोड एवं ओवर स्पीड से इन वाहनों को चलाते हुए देखे जा सकते हैं। सहसपुर व सेलाकुई थाना क्षेत्रो में आतंक का पर्याय बनते जा रहे इन ई-रिक्शाओं से आमजन भयभीत है। इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और यातायात पुलिस ने विकासनगर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

विकासनगर बाजार में जाम की स्थिति से निपटने हेतु पुलिस द्वारा 4 दिसंबर देर शाम को वाहन चैकिंग अभियान चलाया गया। जिसमें बाजार में जाम की स्थिति का मुख्य कारण बने ई-रिक्शा वाहनों के विरुद्ध मोटर अधिनियम में प्रभावी कार्यवाही की गई। बाजार में जाम की स्थिति से निपटने हेतु ई-रिक्शा चालकों के साथ मीटिंग ली गई थी जिसमे ई-रिक्शा चालकों को निर्धारित मार्गों पर ई-रिक्शा संचालन हेतु अवगत कराया गया था। किन्तु उसके पश्चात भी कुछ ई-रिक्शा चालक निर्धारित मार्गों में न चलकर मुख्य बाजार विकासनगर (ई-रिक्शा हेतु प्रतिबन्धित क्षेत्र) में संचालित हो रहे थे। जिस कारण बाजार में पुनः जाम की स्थिति पैदा रहो रही है। यातायात सुचारु करने तथा जाम की स्थिति से निपटने को ई-रिक्शा वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुये 50 से अधिक ई-रिक्शा वाहनों के मोटर अधिनियम में चालानी कार्यवाही की गयी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई ई-रिक्शा चालक सवारी भरने के चक्कर में बीच सड़क पर ही वाहन रोक देते हैं, जिससे पीछे आने वाले वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। कई बार तो यह छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकती है। ऐसे में शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए यह अभियान बेहद जरूरी हो गया था।

अभियान के दौरान चालकों को सख्त निर्देश दिया गया कि वे निर्धारित मार्गों पर ही वाहन चलाएं। यात्री बैठाने और उतारने के लिए तय स्थानों का ही इस्तेमाल करें और सभी जरूरी दस्तावेज हमेशा अपने साथ रखें। इसके साथ ही अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि कोई ई-रिक्शा चालक नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती थी और पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था। अब जब प्रशासन ने सख्ती दिखाई है तो उम्मीद है कि सड़कों पर व्यवस्था पहले से बेहतर होगी।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और नियम तोड़ने वाले वाहनों की सूचना पुलिस को दें, ताकि मिलकर एक सुरक्षित और व्यवस्थित शहर का निर्माण किया जा सके।