
विकासनगर (डॉ बिलाल अंसारी)-
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उत्तराखंड में हुई सभा के बाद कथित तौर पर मंच के शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने इस मामले को दलित समाज और संविधान के सम्मान से जोड़ते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के अलग-अलग थानों में तहरीर देकर उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि खड़गे की सभा के बाद मंच का शुद्धिकरण किए जाने की घटना सामाजिक समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। कांग्रेस ने कहा कि देश के वरिष्ठ नेता और दलित समाज से आने वाले मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद इस तरह की कार्रवाई किया जाना बेहद आपत्तिजनक है। पार्टी नेताओं ने इसे दलित समाज के सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान देता है। ऐसे में किसी व्यक्ति की जातिगत पहचान को लेकर भेदभाव या अपमानजनक व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं द्वारा विभिन्न थानों में दी गई तहरीर के बाद मामला और गरमा गया है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए महेंद्र भट्ट के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल राजनीतिक विवाद नहीं बल्कि सामाजिक सम्मान और समानता से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सभी वर्गों और समुदायों के सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध और तेज करेगी। इस मामले को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में आने वाले दिनों में विवाद और बढ़ने के आसार हैं।
