सेलाकुई : सेलाकुई थानाध्यक्ष शैंकी कुमार की तत्परता से सेलाकुई के राजा वाला रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग में फंसे तीन व्यक्तियों का रेस्क्यू कर सकुशल बाहर निकाल लिया गया है। साथ ही मौके पर त्वरित कार्यवाही कर भरे हुए गैस सिलेण्डरों को हटाकर बडी अनहोनी होने से बचा लिया गया है। गैस पाइप के फटने से रेस्टोरेंट में अचानक आग धधक उठी थी। पुलिस तथा फायर ब्रिगेड ने त्वरित कार्यवाही कर आग पर काबू पाया। आग पर नियंत्रण करने के बाद आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली है।

सेलाकुई थानाध्यक्ष शैंकी कुमार ने बताया कि आज थाना सेलाकुई को सूचना प्राप्त हुई कि ICFAI यूनिवर्सिटी के पास स्थित समित भोजनालय में आग लग गई है तथा उक्त दुकान में भरे हुए गैस सिलेण्डर भी रखें हुए हैं, जिससे सम्भवत: कोई बडी दुर्घटना घटित हो सकती है। उक्त सूचना पर थानाध्यक्ष सेलाकुई मय पुलिस बल के तत्काल मौके पर पहुंचे तथा फायर स्टेशन सेलाकुई से दमकल के वाहनों को मौके पर पहुंचने हेतु अवगत कराया गया। मौके पर समित भोजनालय में लगी आग के कारण आस पास खडे वाहन भी उसकी चपेट में आ गये थे। पुलिस टीम द्वारा तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रारम्भ करते हुए दुकान के अन्दर फंसे तीन व्यक्तियों को सकुशल बाहर निकालकर एम्बुलेंस के माध्यम से उन्हें प्राथमिक उपचार हेतु सुभारती अस्पताल भिजवाया गया तथा आग को फैलने से रोकने के लिये दुकान में रखे गैस सिलेण्डरों को तत्काल बाहर निकालते हुए सुरक्षित स्थान पर रखा गया। मौके पर दमकल के वाहनों द्वारा आग पर काबू पाया गया।

पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही से घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। मौके पर आग से दुकान पर रखा सामान तथा आग की चपेट में आने से दुकान के पास खडी 04 मोटर साइकिलें जल गई हैं। आग से हुई क्षति का आंकलन किया जा रहा है। प्रथम दृष्टया गैस सिलेण्डर बदलते समय गैस पाइप के फट जाने के कारण आग लगना प्रकाश में आया है। आग लगने के विस्तृत कारणों की जांच की जा रही है।
आग की चपेट में आने से मनीष शर्मा पुत्र राजेन्द्र शर्मा निवासी राजा रोड सेलाकुई, यशपाल गुलेरिया पुत्र नरेश गुलेरिया निवासी तलवार टावर झाझरा प्रेमनगर एंव अभिषेक मिराडी छात्र ICFAI यूनिवर्सिटी मामूली रूप से घायल हुए हैं। जिनका सुभारती अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आग बुझाने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष सेलाकुई शैंकी कुमार, उपनिरीक्षक अनित कुमार, कांस्टेबल मुकेश पुरी, कांस्टेबल मुकेश भट्ट, कांस्टेबल सुधीर, कांस्टेबल उपेन्द्र भण्डारी और चालक संदीप रावत का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
किसी भी रेस्टोरेंट में आग बुझाने वाले सिलेंडर मौजूद नहीं है यदि उक्त भोजनालय में फायर सिलेंडर उपलब्ध होता तो शायद नुकसान कम हो सकता था।

