देहरादून (सेलाकुई) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को शीशमबाडा के चर्चित कूड़ा प्लांट के निकट ही पलीता लगाया जा रहा है। उक्त प्लांट में जहां देहरादून शहर तक के कूड़े का निस्तारण किया जाता है, वहीं उक्त प्लांट से लगभग मात्र 200 मीटर की दूरी पर शिवालिक इंजीनियरिंग कॉलेज के निकट बने पुल के दोनों तरफ लगने वाले कचरे के ढेर इस बात का सबूत हैं कि किस तरह से प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान को पलीता लगाया जा रहा है।

शहरों से लेकर गांव तक को स्वच्छ रखने एंव आम जनता को जागरूक करने के लिए केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाता है। इस अभियान के तहत केंद्र सरकार की ओर से हर वर्ष स्वच्छता के मानदंडों के अनुरूप जिलों एंव गांव को रैंक देकर पुरस्कृत भी किया जाता है। इसके बावजूद भी जिम्मेदारों की उदासीनता सरकार के अभियान पर भारी पड़ रही है। जिसका जीता जागता उदाहरण सेलाकुई स्थित शीशमबाड़ा प्लांट के नजदीक लग रहे कूड़े के अंबार हैं।

आसपास कई बड़ी शिक्षण संस्थान होने के बावजूद ना तो इस क्षेत्र में नियमित सफाई होती है। और ना ही समय पर कूड़ा उठाया जाता है। बस्तियों की बात तो अलग है यहां मुख्य मार्गों पर भी जगह-जगह गंदगी फैली रहती है।

इस कचरे से जहां संक्रामक बीमारियाँ फैल रही हैं, वहीं आसपास से उठती दुर्गंध से क्षेत्र वासियों का सांस लेना भी दुश्वार हो रहा है। कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था व कूड़ेदान न होने की वजह से लोग इस प्रकार कूड़ा फेंकते हैं, जो कि आमजन के लिए मुसीबतें पैदा करता है। स्वास्थ्य विभाग व संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।
