खो गया उत्तराखंड का गौरव : मशहूर भारतीय शूटिंग कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन

नई दिल्ली/देहरादून –
आज भारतीय शूटिंग जगत को बड़ा झटका लगा है। प्रसिद्ध शूटिंग कोच और एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता जसपाल राणा का शुक्रवार को निधन हो गया। वह 49 वर्ष के थे। वे उत्तराखंड के रहने वाले थे और भारत के सबसे महान निशानेबाजों में गिने जाते थे।

जानकारी के अनुसार, जसपाल राणा हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप से लौटे थे। वहां वे भारतीय पिस्टल शूटिंग टीम के हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में कार्य कर रहे थे। बताया जा रहा है कि वापसी की उड़ान के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। भारत पहुंचने के बाद उन्हें सीधे दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी जांच की और दिल की समस्या के कारण स्टेंट भी लगाया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

फरवरी 2025 में उन्हें भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) द्वारा 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा का हाई-परफॉर्मेंस कोच नियुक्त किया गया था। उन्होंने खिलाड़ियों के लिए अनुशासित और कठिन प्रशिक्षण व्यवस्था शुरू की, जिसका अच्छा असर देखने को मिला। उनके मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने म्यूनिख वर्ल्ड कप में 2 स्वर्ण और 2 रजत पदक जीते थे।

जसपाल राणा ने 30 से अधिक वर्षों तक भारतीय शूटिंग की सेवा की। एक खिलाड़ी के रूप में उन्होंने एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में कई पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। कोच के रूप में भी उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कई युवा निशानेबाजों को तैयार किया, जिनमें दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु बहकर भी शामिल हैं। खिलाड़ियों को तराशने में उनके योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2020 में भारत के प्रतिष्ठित “द्रोणाचार्य पुरस्कार” से सम्मानित किया गया था।

जसपाल राणा के निधन को भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। देशभर के खिलाड़ी, कोच, खेल अधिकारी और प्रशंसक उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। लोग उन्हें केवल एक महान निशानेबाज ही नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक गुरु और भारतीय खेलों के सच्चे दूत के रूप में याद कर रहे हैं। उनकी उपलब्धियां, समर्पण और खेलों के प्रति योगदान हमेशा याद रखे जाएंगे। भारतीय शूटिंग के इतिहास में उनका नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा।