बच्चों में घटता आत्मविश्वास और कमजोर इच्छाशक्ति गंभीर चिंता का विषय: रियासत खान ‘रियाज’

सेलाकुई (डॉ बिलाल अंसारी)-
वर्तमान दौर में बच्चों और किशोरों में आत्मविश्वास की कमी तथा इच्छाशक्ति के कमजोर होने की समस्या एक गंभीर सामाजिक चिंता बनती जा रही है। शिक्षाविद्रि “यासत खान ‘रियाज” ने इस विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए अभिभावकों और शिक्षकों से बच्चों के प्रति अधिक संवेदनशील और सहयोगात्मक रवैया अपनाने की अपील की है।

शिक्षाविद् रियासत खान ‘रियाज’ के अनुसार, अत्यधिक स्क्रीन टाइम, पढ़ाई का बढ़ता दबाव, बच्चों की लगातार दूसरों से तुलना और परिवार एवं समाज में वास्तविक संवाद की कमी उनके मानसिक विकास को प्रभावित कर रही है। कई बच्चे असफलता के डर से नई चुनौतियों का सामना करने से बचने लगते हैं, जिसका असर उनके आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और व्यक्तित्व विकास पर पड़ता है।

उन्होंने कहा कि बच्चों को हर परिस्थिति में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए दबाव देने के बजाय उनकी भावनाओं को समझना और उन्हें प्रोत्साहित करना जरूरी है। अभिभावकों को बच्चों की छोटी-छोटी कोशिशों और उपलब्धियों की सराहना करनी चाहिए तथा उनकी तुलना दूसरे बच्चों से करने से बचना चाहिए।

रियासत खान ‘रियाज’ ने कहा कि माता-पिता को प्रतिदिन बच्चों के साथ खुलकर बातचीत करनी चाहिए, ताकि बच्चे अपने डर, परेशानी और भावनाओं को बिना झिझक साझा कर सकें। इसके साथ ही बच्चों को मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक इस्तेमाल से दूर रखते हुए मैदानी खेल, योग, व्यायाम, पुस्तक पढ़ने और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना चाहिए। इससे बच्चों में मानसिक सहनशक्ति, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि बच्चों को असफलता से डराने के बजाय यह समझाना चाहिए कि असफलता जीवन का अंत नहीं, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का अवसर है। जब बच्चे गलतियों से सीखना और दोबारा प्रयास करना सीखते हैं, तो उनमें मजबूत इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास का विकास होता है।

रियासत खान ‘रियाज’ ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि बच्चों पर अपेक्षाओं का अनावश्यक बोझ डालने के बजाय उन्हें सुनें, समझें और आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक वातावरण दें। उन्होंने कहा कि आज के बच्चों का मजबूत मानसिक और भावनात्मक विकास ही उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेगा।

उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास और मजबूत इच्छाशक्ति बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण नींव हैं।