जर्जर हालत में पहुंचा स्वारना नदी का पुल , भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक से लोगों की बढ़ी परेशानी , मरम्मत कार्य शुरू

सेलाकुई (डॉ बिलाल अंसारी)-
सेलाकुई और बड़ा रामपुर क्षेत्र को जोड़ने वाले एनएच-74 पर स्वारना नदी के ऊपर बना पुल इन दिनों जर्जर हालत में पहुंच गया है। पुल की स्थिति को देखते हुए फिलहाल इस पर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। इसके चलते स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि स्वारना नदी पर बना यह पुल करीब 45 साल पुराना है। लंबे समय से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण पुल पर दबाव बढ़ने की बात सामने आ रही है। पुल की स्थिति खराब होने के बाद संबंधित विभाग की ओर से मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल के ऊपर लगातार भारी वाहनों की आवाजाही होती रही है। खनन से लदे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, डंपरों और अन्य भारी वाहनों के आने-जाने के कारण पुल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। वहीं, सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में अवैध खनन से जुड़ी सामग्री लेकर आने-जाने वाली ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पुल के नीचे से आवागमन भी पुल की खराब स्थिति के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण स्थानीय व्यापारियों, ग्रामीणों, फैक्ट्री कर्मचारियों और अन्य लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि पुल काफी पुराना है और इसकी क्षमता को देखते हुए भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाना जरूरी है।

कुछ दिन पूर्व स्वारना नदी में जलस्तर बढ़ने से रामपुर चोई बस्ती को जाने वाली सड़क बह गई थी इसके साथ ही माध्यमिक विद्यालय रामपुर की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई थी। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पुल की मरम्मत केवल खानापूर्ति तक सीमित न रहे, बल्कि इसकी मजबूती की तकनीकी जांच भी कराई जाए। साथ ही ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जाए, ताकि मरम्मत के बाद पुल पर दोबारा अत्यधिक दबाव न पड़े। लोगों का यह भी कहना है कि यदि पुल की मरम्मत के बाद भी भारी और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पहले की तरह जारी रही तो पुल की मजबूती और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होते रहेंगे। फिलहाल मरम्मत कार्य जारी है और यह आने वाला समय ही बताएगा कि मरम्मत के बाद पुल कितने समय तक सुरक्षित और मजबूत बना रहता है।

पुल टूटने को लेकर क्षेत्रीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर और कांग्रेस नेता आर्येन्द्र शर्मा आदि ने भी स्थिति का जायजा लिया था। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पुल की स्थिति की गंभीरता से जांच कराने, ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करने और पुल की सुरक्षा को लेकर स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।