शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव को मिला शैलेश मटियानी पुरस्कार

राज्यपाल गुरमीत सिंह और शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने लोक भवन में किया सम्मानित

देहरादून। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, उत्कृष्ट नेतृत्व और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने वाले राजकीय इंटर कॉलेज भगवानपुर धारकोट, देहरादून के प्रधानाचार्य डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव को इस वर्ष के प्रतिष्ठित शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। लोक भवन में आयोजित भव्य एवं गरिमामयी समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह एवं प्रदेश के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने डॉ. श्रीवास्तव को यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर उन्हें प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न एवं शॉल भेंट की गई।
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गौरव के साथ-साथ भविष्य की जिम्मेदारी को और बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि वह आगे भी पूरी मेहनत, लगन और समर्पण के साथ कार्य करते हुए इस पुरस्कार की गरिमा बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने राज्यपाल, शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों, अभिभावकों तथा सभी छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया।
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि उनका हमेशा प्रयास रहा है कि प्रत्येक बच्चे की क्षमता को पहचाना जाए और उसकी प्रतिभा के अनुरूप उसे सही दिशा प्रदान की जाए। उनके नेतृत्व में विद्यालय के विद्यार्थियों ने शिक्षा एवं खेल दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विद्यालय के विद्यार्थियों ने JEE में 99 परसेंटाइल तक प्राप्त कर प्रतिष्ठित संस्थानों में इंजीनियरिंग की पढ़ाई का अवसर हासिल किया है। वहीं धारकोट जैसे पिछड़े क्षेत्र, जहां खेल सुविधाएं बेहद सीमित हैं, वहां के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर विद्यालय एवं क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के निवासी डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव पिछले करीब 30 वर्षों से उत्तराखंड में विभिन्न विद्यालयों एवं संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान में वह राजकीय इंटर कॉलेज भगवानपुर धारकोट, देहरादून में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं। प्रारंभ से ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए कार्य करना उनकी प्राथमिकताओं में रहा है। शिक्षा विभाग में उनकी पहचान एक नवाचारी शिक्षक एवं कुशल अधिकारी के रूप में बनी है।
डॉ. श्रीवास्तव ने शिक्षक के साथ-साथ विभिन्न प्रशासनिक एवं सामाजिक जिम्मेदारियों का भी प्रभावी निर्वहन किया है। एससीईआरटी के उपनिदेशक, एनएसएस के जिला नोडल अधिकारी सहित विभिन्न जिम्मेदारियों में उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। जिला स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता दून एथलेटिक्स मीट-24 के आयोजन में भी उनकी भूमिका और नेतृत्व की सराहना की गई।

डॉ. श्रीवास्तव की नेतृत्व क्षमता का एक उल्लेखनीय उदाहरण राजकीय इंटर कॉलेज भगवानपुर धारकोट में 2 अक्टूबर 2019 से लगातार विद्यार्थियों को नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाना है। विद्यालय में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि सरकारी मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत सामान्यतः कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों को ही यह सुविधा मिलती है।

ऐसे में विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए भोजन की व्यवस्था स्वयं विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सहयोग से की जा रही है। भोजन सामग्री से लेकर रसोइयों (भोजन माताओं) के मानदेय सहित अन्य खर्चों में भी शिक्षक एवं कर्मचारी अपने स्तर से सहयोग करते आ रहे हैं। यह व्यवस्था पिछले करीब सात वर्षों से निरंतर जारी है।
डॉ. श्रीवास्तव ने विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं, उद्यमियों एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यार्थियों को समय-समय पर नि:शुल्क गणवेश उपलब्ध कराया गया। छात्राओं के लिए शौचालयों का निर्माण कराया गया तथा विद्यालय में अन्य आवश्यक भौतिक सुविधाएं विकसित की गईं।
विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विद्यालय के मेधावी एवं टॉपर्स विद्यार्थियों को 10 हजार रुपये तक की नगद पुरस्कार राशि के साथ-साथ लैपटॉप एवं टैबलेट भी उपलब्ध कराए गए।
राजकीय इंटर कॉलेज भगवानपुर में डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। इनमें विद्यालय के सभी विद्यार्थियों के लिए 2 अक्टूबर 2019 से निरंतर नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था, बच्चों को शिक्षकों द्वारा गोद लेकर उनके शैक्षिक सहयोग की व्यवस्था, विद्यालय में बाउंड्रीवाल का निर्माण, आवश्यक फर्नीचर की व्यवस्था, कंप्यूटर एवं प्रोजेक्टर उपलब्ध कराना प्रमुख हैं।

इसके अलावा मेधावी विद्यार्थियों को नगद पुरस्कार, लैपटॉप एवं टैबलेट दिलाना, छात्राओं के लिए शौचालयों का निर्माण, विद्यार्थियों को समय-समय पर नि:शुल्क गणवेश उपलब्ध कराना, प्रार्थना सभा स्थल पर टीन शेड का निर्माण, विद्यार्थियों में कला के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए 3डी पेंटिंग तैयार कराना तथा विद्यालय परिसर में पौधरोपण कर हरियाली को बढ़ावा देना भी उल्लेखनीय कार्यों में शामिल हैं।

विद्यालय का परीक्षा परिणाम लगातार चौथे वर्ष शत-प्रतिशत रहा है। विद्यालय के विद्यार्थियों ने NIT में प्रवेश हासिल किया है तथा खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया है।

डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव को प्रतिष्ठित शैलेश मटियानी पुरस्कार मिलने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। इनमें पूर्व मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रदीप रावत, हरिद्वार के मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद, देहरादून के मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविन्द राम जायसवाल, विद्यालय के सहयोगी अनूप नेगी एवं भूपेन्द्र सिंह सहित अनेक अभिभावक एवं शहर के गणमान्य नागरिक शामिल हैं।

डॉ. श्रीवास्तव ने पुरस्कार प्राप्त करने में सहयोग, मार्गदर्शन एवं प्रेरणा देने वाले सभी अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, अभिभावकों, सहयोगियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान अकेले उनका नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के विश्वास और सहयोग का परिणाम है, जो शिक्षा को समाज में बदलाव का माध्यम मानकर उनके साथ खड़े रहे।