बैरागीवाला प्रकरण: अधिवक्ताओं ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, नफरती बयानबाजी और तोड़फोड़ पर सख्त कार्रवाई की मांग

देहरादून-
राजधानी देहरादून के बैरागीवाला एवं अन्य क्षेत्रों में हाल के दिनों में हुई हिंसक घटनाओं, कथित तोड़फोड़, आगजनी तथा नफरती बयानबाजी को लेकर देहरादून के अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की भीड़-तंत्र आधारित कार्रवाई पर रोक लगाने की अपील की गई।
अधिवक्ताओं द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि देहरादून अपनी गंगा-जमुनी तहजीब, सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे के लिए जाना जाता है, लेकिन हाल की घटनाओं ने शहर की शांति और सौहार्द को प्रभावित किया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल को तनावपूर्ण बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञापन में बैरागीवाला क्षेत्र में हुई हिंसा, आगजनी और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही यह भी कहा गया कि किसी भी शिकायत पर कानूनी प्रक्रिया के बजाय भीड़ अथवा संगठनों के दबाव में की जाने वाली कार्रवाई कानून के शासन पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।

अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में विशेष रूप से सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से कथित रूप से नफरत फैलाने वाले बयानों पर चिंता व्यक्त करते हुए ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि भड़काऊ भाषण और साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न करने वाले वक्तव्य समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण पैदा करते हैं।
इसके अलावा अधिवक्ताओं ने पूरे घटनाक्रम में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि किसी अधिकारी की भूमिका पक्षपातपूर्ण या लापरवाहीपूर्ण पाई जाती है तो उसके विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

ज्ञापन में भविष्य में किसी भी संगठन अथवा व्यक्ति द्वारा की जाने वाली नफरती बयानबाजी (हेट स्पीच) पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने, पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करने तथा क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और देहरादून का सामाजिक सौहार्द कायम रह सके। ज्ञापन 22 जून 2026 को अधिवक्ताओं के हस्ताक्षरों सहित जिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत किया गया। बैरागीवाला प्रकरण को लेकर क्षेत्र में पहले से तनाव की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन द्वारा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।