
सेलाकुई (बिलाल अंसारी)-
देहरादून ज़िले के सेलाकुई से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने धर्म और आस्था के नाम पर चल रहे ठगी के काले कारोबार की पोल खोल दी है। एक कथित बाबा, जो खुद को तंत्र-मंत्र का जानकार और भविष्य बताने वाला बताता था, लोगों के घरों में अनिष्ट और मौत का भय पैदा करता था। फिर उसी डर का फायदा उठाकर पूजा-पाठ और अनुष्ठान के नाम पर लाखों रुपये और सोने के आभूषण हड़प लेता था।
लेकिन इस बार उसकी चालाकी ज्यादा दिन नहीं चली। एसएसपी देहरादून के सख्त निर्देशों पर सेलाकुई पुलिस ने इस कथित बाबा को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी राहुल थापा ने अंधविश्वास को अपना सबसे बड़ा हथियार बना रखा था। रात के अंधेरे में वह लोगों के घरों के बाहर काले कपड़े में बंधी जादू-टोने की सामग्री फेंक देता था। अगले दिन फोन कर कहता कि उसे सपना आया है और किसी ने उनके परिवार पर खतरनाक तंत्र-मंत्र कर दिया है।

डरे-सहमे परिवार उसकी बातों में आ जाते और फिर शुरू होता ठगी का खेल। सेलाकुई निवासी महिला ओशीन गुरूंग को भी इसी तरह जाल में फंसाया गया। आरोपी ने महिला को विश्वास दिलाया कि उसके परिवार पर बड़ा संकट मंडरा रहा है और इसे दूर करने के लिए विशेष अनुष्ठान करना जरूरी है। पूजा के दौरान महिला और उसकी माता के सभी सोने के आभूषण एक संदूक में रखवाए गए। फिर मौका पाकर आरोपी ने संदूक से पूरे आभूषण निकाल लिए और खाली संदूक को बंद कर दिया। इतना ही नहीं, आरोपी ने कहा कि यह संदूक 62 दिन तक मंदिर में रखा रहेगा और उससे पहले इसे खोला गया तो बड़ा अनर्थ हो जाएगा। लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की जांच शुरू हुई और पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने पूरा राज उगल दिया।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने ठगे गए आभूषणों को गलाकर बनाए गए करीब 150 ग्राम सोने के बिस्कुटनुमा बार और 5 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि यह केवल एक मामला नहीं हो सकता। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने इसी तरीके से और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। देहरादून पुलिस की यह कार्रवाई उन लोगों के लिए कड़ा संदेश है जो धर्म, आस्था और अंधविश्वास की आड़ में लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डालते हैं।
सवाल यह भी है कि आखिर कब तक समाज में भय और अंधविश्वास के नाम पर ऐसे ठग सक्रिय रहेंगे? फिलहाल आरोपी सलाखों के पीछे है, लेकिन जांच अभी जारी है और कई बड़े खुलासे होना बाकी हैं।
