ईद-उल-अजहा पर कुर्बानी के जानवरों की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें मुसलमान

उलेमा ने सरकारी गाइडलाइंस और साफ-सफाई का पालन करने की दी हिदायत

सहारनपुर (डॉ बिलाल अंसारी):-

ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मुक़द्दस मौके पर सहारनपुर के उलेमा ने मुस्लिम समाज से एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील अपील की है। मदरसा मजाहिर उलूम (वक्फ) के प्रोफेसर और नई मस्जिद छीपियान के इमाम व खतीब मौलाना मोहम्मद सलमान ने सभी मुसलमानों से अपील की है कि वे कुर्बानी के जानवरों की वीडियो या फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर न डालें। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि ऐसा करना मजहबी तौर पर सही नहीं है।
मौलाना सलमान ने पवित्र कुरान का हवाला देते हुए कहा:
“अल्लाह के पास न तो जानवर का गोश्त पहुंचता है और न ही उसका खून; वहां सिर्फ आपका ‘तकवा’ (परहेजगारी और नेक नीयत) पहुंचती है।”
इसके साथ ही उन्होंने सभी देशवासियों को ईद-उल-अजहा की दिली मुबारकबाद भी दी।

जामा मस्जिद कलां के प्रबंधक, मौलाना फरीद मजाहिरी ने कहा कि इस्लाम धर्म किसी भी दूसरे धर्म या समाज के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की इजाजत कतई नहीं देता। उन्होंने सोशल मीडिया पर कुर्बानी की तस्वीरें और वीडियो शेयर न करने की अपील दोहराई। साथ ही, उन्होंने सख्त हिदायत दी कि गली-मोहल्लों और मुख्य सड़कों पर कुर्बानी करने से पूरी तरह बचा जाए। इसके साथ ही उन्होंने दूसरे लोगों की भावनाओं का भी ख्याल रखने की अपील की।

मौलाना मोहम्मद मरगूब ने भी इस बात पर जोर दिया कि सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस का पूरी तरह से पालन किया जाए। उन्होंने साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि “सफाई आधा ईमान है”, इसलिए कुर्बानी के बाद कचरे का सही निस्तारण करें।