सहसपुर (बिलाल अंसारी) :
विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई पशु चोरी की घटनाओ का आज सहसपुर पुलिस ने खुलासा किया है। गिरफ्तार अभियुक्त अलग-अलग थाना क्षेत्रों में ग्राहक बनकर पशुओ की रैकी करते थे। फिर मौका मिलते चिन्हित किये गये स्थानों पर अपने साथियों के साथ मिलकर पशु चोरी की घटनाओं को अजांम देते थे। चोरी किये गये पशुओं को उत्तरप्रदेश तथा हरियाणा ले जाकर सस्ते दामो पर बेच देते थे। इस अंतर्राज्यीय पशु चोर गिरोह के दो अभियुक्तों को सहसपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों के कब्जे से पशु चोरी की घटनाओं में प्रयुक्त वाहन को पुलिस ने सीज कर दिया है।
बीती 17 मार्च को थाना सहसपुर पर राजकुमार द्वारा प्रार्थना पत्र दिया कि उनका भैंस वंशीय पशु जो कि घर के बाहर बंधा हुआ था को अज्ञात लोगों द्वारा चोरी कर लिया गया है। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना सहसपुर पर मुकदमा पंजीकृत किया गया था। जनपद के अन्य थाना क्षेत्रों में भी लगातार हुई पशु चोरी की घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून द्वारा घटनाओं के अनावरण तथा उसमें सलिंप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। पुलिस टीमों द्वारा घटनास्थल व उसके आसपास आने-जाने वाले मार्गो पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों को चैक किया गया। साथ ही सर्विलांस के माध्यम से भी घटना में शामिल अभियुक्तों के सम्बंध में जानकारी एकत्रित की गई। सीसीटीवी फुटेजों के अवलोकन से पुलिस टीम को घटनाओं में प्रयुक्त एक सदिंग्ध लोडर वाहन की फुटेज प्राप्त हुई। जिस पर पुलिस टीम द्वारा अभियुक्तों के आने जाने के मार्गो की जानकारी हेतु जनपद देहरादून, हरिद्वार के साथ साथ सरहदी राज्य उत्तरप्रदेश व हरियाण व हिमांचल की ओर आने जाने वाले मार्गो पर लगे लगभग 1500 सीसीटीवी कैमरो की फुटेजो को चैक किया गया, जिससे उक्त घटनाओ में हरियाणा तथा उत्तरप्रदेश के गिरोह के शामिल होने की जानकारी प्राप्त हुई, जिस पर तत्काल एक टीम को उत्तरप्रदेश व हरियाणा मे अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिये दबिश हेतु भेजा गया। पुलिस द्वारा किये जा रहे लगातार प्रयासो से पुलिस टीम को मुखबिर के माध्यम से पशु चोरी की घटनाओ में शामिल अभियुक्तों के पुनः घटनाओं को अजांम देने के लिये देहरादून आने की सूचना मिली। जिस पर पुलिस टीम द्वारा सघन चैकिंग अभियान चलाते हुए कुल्हाल क्षेत्र में नदी किनारे एक सदिंग्ध लोडर वाहन से चोरी के तीन छोटे बड़े भैंसवंशीय पशुओं को बरामद करते हुए लोडर वाहन में सवार दो अभियुक्तों असलम पुत्र नियामुदीन व जीशान पुत्र बूंदु को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों से सख्ती से पूछताछ करने पर उनके द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उक्त लोडर वाहन से जनपद के अन्य थाना क्षेत्रो से भी पशु चोरी की घटनाओ को अजांम देना स्वीकार किया गया। अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस टीम द्वारा चोरी किये गये पशुओ को बेचकर प्राप्त की गई धनराशी बरामद की गई। अभियुक्तों से पूछताछ के आधार पर अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम द्वारा उनके सम्भावित ठिकानो पर दबिशे दी जा रही है।

पूछताछ में अभियुक्त जीशान द्वारा बताया गया वह पशुओं की खरीद फरोख्त के बहाने देहरादून में अलग-अलग स्थानों में घूमकर रेकी कर घरों को चिन्हित करता है तथा चिन्हित किये गये घरो में अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर पशु चोरी की घटनाओ को अंजाम देता है।
अभियुक्तों द्वारा चोरी किये गये पशुओं को उत्तरप्रदेश तथा हरियाणा में सस्ते दामों पर अन्य लोगो को बेच दिया जाता है तथा पुलिस से बचने के लिये अभियुक्तो द्वारा पशु चोरी की घटना में प्रयुक्त लोडर वाहन में लगी नम्बर प्लेट को निकाल दिया जाता था, ताकि वाहन की पहचान न हो सके।
गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम असलम पुत्र नियामुदीन, निवासी ग्राम खेरीबांस ताजेवाला थाना प्रताप नगर (खिजराबाद) जनपद यमुनानगर, हरियाणा, (उम्र 36 वर्ष) और जीशान पुत्र बूंदु, निवासी ग्राम खुजनावर, थाना फतेहपुर, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश, (उम्र 40 वर्ष) हैं।
उक्त मामले में अभियुक्त आरिफ उर्फ राशिद निवासी सिकरोडा, थाना भगवानपुर, जनपद हरिद्वार वांछित चल रहा है। पुलिस द्वारा वांछित
अभियुक्त की गिरफ़्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं।
